29 नवंबर 2025,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ahmedabad: खारीकट नहर री-डवलपमेंट फेज-2 को मंजूरी, 1003 करोड़ होंगे खर्च

राज्य सरकार ने अहमदाबाद महानगरपालिका को सौंपा जिम्मा, पांच हिस्सों में होगा काम

2 min read
Google source verification

file photo

Ahmedabad: कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करने जा रहे अहमदाबाद शहर के विकास कार्य को गति देने के लिए राज्य सरकार ने शुक्रवार को एक बड़ा निर्णय किया है। राज्य सरकार ने 142 वर्ष पुरानी शहर की खारीकट नहर के री-डवलपमेंट फेज-2 प्लान को मंजूरी दे दी। इस पर 1003 करोड़ रुपये की लागत आएगी। फेज एक का अधिकांश कार्य पूरा हो गया है। फेज दो पर खर्च होेने वाली राशि को स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के अंतर्गत मंजूर किया गया है।खरीकट नहर के री-डवलपमेंट के तहत लगभग 22415 मीटर (22 किलोमीटर) लंबी नहर के विकास का जिम्मा अहमदाबाद महानगरपालिका को सौंपा गया है। खरीकट नहर की इस परियोजना से न सिर्फ शहर के पूर्वी क्षेत्र में गंदगी से निजात मिलेगी बल्कि प्रदूषण के कारण पनपने वाली स्वास्थ्य की समस्याओं को भी कम करने में मदद मिलेगी।

खारीकट नहर के दूसरे फेज के री-डवलपमेंट कार्य को पांच हिस्सों में किया जाएगा। पहले हिस्से में एसपी रिंग रोड से मूठिया ड्रेन होकर नरोडा श्मशानघाट तक का हिस्सा विकसित किया जाएगा। स्ट्रेच दो में विंझोल से घोडासर (आवकार हॉल) तक का हिस्सा , स्ट्रेच-3 में घोडासर (आवकार हॉल) से वटवा गाम तक और स्ट्रेच-4 तथा स्ट्रेच-5 में वटवा गांव से एस.पी. रिंग रोड तक के हिस्से को विकसित किया जाएगा। इन हिस्सों में नहर को आकर्षक स्वरूप देने के साथ आर.सी.सी. स्टॉर्म वॉटर बॉक्स स्ट्रक्चर, सड़क और फुटपाथ विकास, रिटेनिंग वॉल, पानी की पाइपलाइन, सिंचाई संरचना, स्टॉर्म वॉटर एक्सटेंशन और सीवर सिस्टम जैसी सुविधाएं को बेहतर बनाने और उन्हें जोड़ने का काम शामिल है।खारीकट नहर के फेज एक का री-डवलमेंट का 80 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। अब फेज दो की बारी है। फेज एक के कार्य में अब तक लगभग सात सौ करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।

प्रदूषण और कनेक्टिविटी की समस्या का समाधान

खरीकट नहर को आधुनिक स्वरूप तैयार किया जा रहा है। अहमदाबाद शहर के विस्तार के साथ नहर के दोनों ओर तेजी से विकास हुआ। इसके चलते नहर में ठोस कचरे का जमाव और पानी प्रदूषित होने की समस्या सामने आई। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं और नहर के पानी के प्रदूषित होने जैसी समस्याएं सामने आईं। नहर के आसपास के टाउन प्लानिंग (टी.पी.) क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की दिक्कतें भी बनी रहीं। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नहर री-डवलपमेंट का जिम्मा महानगरपालिका को सौंपा है।अहमदाबाद को मिलेगा नया स्वरूप

फेज-2 के पूरा होने पर नहर क्षेत्र न केवल स्वच्छ और सुरक्षित होगा बल्कि शहर के यातायात, जल निकासी और शहरी सौंदर्य में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। यह परियोजना अहमदाबाद के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सुविधा और विकास की नई दिशा साबित होगी।