
मध्यान भोजन खाते बच्चे फोटो सोर्स बेसिक शिक्षा विभाग
बेसिक शिक्षा विभाग की मध्याह्न भोजन योजना में करोड़ों रुपये का बड़ा घपला पकड़ा गया है। शिकायतों की जांच में पता चला कि कई सालों से मिलकर रकम हड़पी जा रही थी। बीएसए की तहरीर पर एमडीएम समन्वयक फिरोज अहमद खान समेत 44 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
मध्याह्न भोजन योजना में अनियमितता की भनक तब लगी। जब कुछ स्कूलों ने बीएसए से शिकायत की कि उन्हें एमडीएम का कन्वर्जन कॉस्ट पूरा नहीं मिल रहा है। मामला गंभीर लगा। तो बीएसए ने तुरंत पीएफएमएस पोर्टल पर भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए। जैसे-जैसे दस्तावेज सामने आए। समझ में आया कि गड़बड़ी छोटी नहीं, बल्कि लगभग 11 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
जांच के दौरान पता लगा कि एमडीएम के जिला समन्वयक फिरोज अहमद खान लंबे समय से मदरसों और कुछ सरकारी स्कूलों के साथ मिलकर फर्जी भुगतान करा रहे थे। कई जगह बच्चों की संख्या बढ़ाकर दिखा दी गई थी, तो कुछ मामलों में पैसे ट्रांसफर दिखाए गए लेकिन असल में रकम स्कूलों तक पहुंची ही नहीं। शुरुआती जांच में तीन मदरसों और चार परिषदीय विद्यालयों की सीधी संलिप्तता सामने आ चुकी है।
अधिकारियों का मानना है कि आगे जांच बढ़ने पर आरोपियों की संख्या 100 से भी ज्यादा हो सकती है।
बीएसए ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को सौंप दी। जिसके आधार पर एमडीएम समन्वयक के अलावा तीन मदरसों के प्रधानाध्यापक, पांच ग्राम प्रधान और कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापक सहित कुल 44 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला बड़ा होने के कारण सर्व शिक्षा अभियान और समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े कुछ अफसर भी जांच के दायरे में आने वाले हैं।
एसपी कहना है कि केस दर्ज कर टीमों को जांच में लगाया गया है। जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारियां भी होंगी। पुलिस और विभाग दोनों स्तर पर कार्रवाई जारी है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों के भोजन में हुए इस बड़े घोटाले को पूरी तरह उजागर कर जिम्मेदारों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
Published on:
26 Nov 2025 10:27 pm
बड़ी खबरें
View Allबलरामपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
