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सील तोड़कर बैंक की कब्जे वाली संपत्ति पर दोबारा कब्जा, बैंक मैनेजर ने कर्जदार पर कराई एफआईआर, जाने पूरा मामला

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की कब्जे में ली गई एक संपत्ति पर दोबारा अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। बैंक के अनुसार कर्जदार राजीव कुमार सिंह ने बैंक द्वारा सील और ताला लगाए गए मकान को तोड़कर फिर से घर में प्रवेश कर लिया और वहां रहना शुरू कर दिया। इस मामले में बैंक मैनेजर की ओर से थाना सुभाषनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

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बरेली। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की कब्जे में ली गई एक संपत्ति पर दोबारा अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। बैंक के अनुसार कर्जदार राजीव कुमार सिंह ने बैंक द्वारा सील और ताला लगाए गए मकान को तोड़कर फिर से घर में प्रवेश कर लिया और वहां रहना शुरू कर दिया। इस मामले में बैंक मैनेजर की ओर से थाना सुभाषनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

बैंक मैनेजर विवेक यादव ने बताया कि 26 अक्टूबर 2024 को पारित आदेश के तहत मोहल्ला नेकपुर स्थित दो मंजिला आवासीय मकान का भौतिक कब्जा बैंक को सौंपा गया था। यह कार्रवाई सरफेसी एक्ट के तहत की गई थी। आदेश के अनुपालन में 1 सितंबर 2025 को कार्यपालक मजिस्ट्रेट विदित कुमार (नायब तहसीलदार, सदर) और थाने की पुलिस टीम की मौजूदगी में बैंक अधिकारियों ने मकान पर विधिवत कब्जा ग्रहण कर लिया था। कब्जे के बाद बैंक ने मकान पर सील और ताला लगाकर उसे सुरक्षित कर दिया था।

लेकिन कुछ दिनों बाद बैंक की टीम जब संपत्ति की स्थिति का निरीक्षण करने दोबारा पहुंची, तो देखा कि मकान का ताला और सील टूटी हुई थी। बैंक टीम के मुताबिक, राजीव कुमार सिंह और कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने मकान में घुसकर अवैध रूप से कब्जा जमा लिया था। बैंक अधिकारी का कहना है कि यह सरकारी आदेश की खुली अवहेलना है और इससे बैंक की चल रही सरफेसी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हुई है।

घटना की जानकारी मिलते ही बैंक मैनेजर विवेक यादव ने सुभाषनगर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुभाषनगर इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि बैंक मैनेजर की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।