
प्यारी देवी (फोटो- पत्रिका)
भीलवाड़ा: अतिरिक्त सेशन न्यायालय (महिला उत्पीड़न मामलात) ने दहेज हत्या के आठ साल पुराने मामले में गुरुवार को सास को दोषी माना। अदालत ने ककरोलिया माफी निवासी प्यारी देवी पत्नी राजेंद्र तेली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, 60 हजार रुपए जुर्माना चुकाने के आदेश दिए।
मामले के अनुसार, 20 अक्टूबर 2017 को कल्याणपुरा निवासी पप्पूलाल तेली ने कोटड़ी थाने में मामला दर्ज कराया। परिवादी ने बताया कि उसकी बहन निर्मला उर्फ निरमा कुमारी की शादी ककरोलिया माफी गांव में की गई। शादी के बाद से पति, सास और ससुर दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। इससे क्षुब्ध होकर निर्मला पीहर आ गई।
18 दिन पहले निर्मला के ससुर राजेंद्र उर्फ राजू तेली का फोन आया और कहा कि निर्मला को ससुराल भेज दो। इस पर निर्मला को समझाइश करके ससुराल भेजा गया। 16 अक्टूबर को निर्मला की हत्या करके शव कुएं में फेंक दिया। ससुराल वालों ने गलत जानकारी देकर उसके भाग जाने की बात कही।
20 अक्टूबर को निर्मला का शव कुएं में मिला। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले। पुलिस ने सास को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। विशिष्ट लोक अभियोजक अदिति सेठिया ने अभियुक्त के खिलाफ 16 गवाह और 37 दस्तावेज पेश कर आरोप सिद्ध किया। अदालत ने सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
परिजनों को गुमराह किया कि निर्मला कहीं चली गई। चार दिन बाद 20 अक्टूबर को कुएं में लाश देखी। इस वारदात के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और शक के आधार पर पुलिस ने सास प्यारी देवी को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में सास ने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस के चालान पेश करने के बाद विशिष्ट लोक अभियोजक ने इस मामले में 37 डॉक्युमेंट्स और 16 गवाह पेश कर आरोप प्रमाणित हुए। इस पर कोर्ट ने सास प्यारी देवी को आजीवन कारावास और 60 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
Published on:
28 Nov 2025 11:29 am
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