
UP and Kerala BLO Success Story (Image: Patrika.com)
UP and Kerala BLO Success Story: चुनावी ड्यूटी का नाम सुनते ही अक्सर सरकारी कर्मचारियों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन इस बार SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश और केरल से दो ऐसी कहानियां सामने आई हैं, जिन्होंने चुनाव आयोग और जिला प्रशासन का दिल जीत लिया है। एक तरफ अलीगढ़ की लेडी टीचर ने 7 महीने की बच्ची को गोद में लेकर ड्यूटी निभाई, तो दूसरी तरफ केरल के एक शिक्षक ने अपनी 'स्मार्ट स्ट्रैटेजी' से पूरे राज्य में रिकॉर्ड बना दिया।चलिए जानते हैं क्या है पूरी कहानी।
अलीगढ़ के जट्टारी की रहने वाली 29 वर्षीय सहायक शिक्षिका वर्षा चौधरी ने साबित कर दिया है कि अगर हौसला हो तो कोई बाधा बड़ी नहीं होती। वर्षा को खैर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 109 की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन उनकी राह आसान नहीं थी।
रोज सुबह 9 बजे शुरू होता था संघर्ष: वर्षा का रूटीन फिक्स था। वे सुबह ठीक 9 बजे अपने घर से एक किराए की बाइक लेती थीं। पहले वे 4 किलोमीटर दूर नगला खुर्द प्राइमरी स्कूल जाकर अपनी हाजिरी लगाती थीं। इसके बाद उसी बाइक से 2 किलोमीटर दूर नगला कला (Nagal Kala) गांव जाती थीं, जहां उन्हें घर-घर जाकर सर्वे करना होता था।
सबसे बड़ी चुनौती: इस पूरे सफर में उनकी 7 महीने की बच्ची उनकी गोद में रहती थी। उनके पति अक्षय त्यागी दिल्ली की एक प्राइवेट फर्म में काम करते हैं, इसलिए अलीगढ़ में नौकरी और बच्ची की जिम्मेदारी वर्षा अकेले संभाल रही थीं। वे कहती हैं, "मैं कोशिश करती थी कि सूरज ढलने से पहले अपने किराए के कमरे पर वापस लौट आऊं।"
तमाम मुश्किलों के बावजूद वर्षा ने अपने बूथ के सभी 555 वोटरों का वेरिफिकेशन 4 दिसंबर की डेडलाइन से काफी पहले ही पूरा कर लिया।
अलीगढ़ के जिलाधिकारी संजीव रंजन ने पुष्टि की कि वर्षा जिले की पहली महिला BLO हैं जिन्होंने यह टास्क समय से पहले पूरा किया। उन्होंने वर्षा के वर्क एथिक्स की जमकर तारीफ की है।
दूसरी तरफ, दक्षिण भारत के केरल में वायनाड जिले के BLO पुष्पथूर विनोद कुमार (Pushpathoor Vinod Kumar) ने रफ्तार और सटीकता का नया इतिहास रचा है। वे राज्य के पहले ऐसे BLO बन गए हैं जिन्होंने SIR प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में 100% पूरा किया।
रिकॉर्ड तोड़ काम: कलपेट्टा (Kalpetta) निर्वाचन क्षेत्र के बूथ नंबर 102 की जिम्मेदारी संभाल रहे विनोद कुमार ने अपने बूथ के 820 वोटरों का काम महज 12 दिनों में पूरा कर दिया।
पदिनजरथरा एयूपी स्कूल (Padinjarathara AUP School) के शिक्षक विनोद ने सिर्फ मेहनत नहीं की, बल्कि दिमाग भी लगाया। काम शुरू होते ही उन्होंने डेटा को अलग-अलग कैटेगेरी में बांट दिया - जैसे 2002 की लिस्ट वाले पुराने वोटर, 2025 के नए वोटर, शादी होकर आई महिलाएं और प्रवासी वोटर, इस तरह से उनके काम की रफ्तार बढ़ गई।
पहाड़ी इलाका और 14 साल का तजुर्बा: विनोद कुमार पिछले 14 सालों से BLO हैं और उसी इलाके (कराट्टापडी) में पले-बढ़े हैं। पहाड़ी इलाका होने के बावजूद वे सुबह 6 बजे घर से निकलते और रात 9 बजे तक लोगों से मिलने जाते थे। रोज का डेटा वे उसी रात वेबसाइट पर अपलोड करते थे।
उनकी इस उपलब्धि पर वायनाड की कलेक्टर डी.आर. मेघाश्री और अन्य अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है।
Published on:
27 Nov 2025 06:28 pm
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