
High Protein Diet (photo- gemini ai)
Protein Intake Per Day: इन्फ्लुएंसर्स, फिटनेस कल्चर और प्रोटीन शेक की मार्केटिंग बढ़ने से हाई-प्रोटीन डाइट इन दिनों लोकप्रिय हो रही है । लोगों को लगता हैं कि ज्यादा प्रोटीन लेने से ज्यादा ताकत मिलती है। इससे वजन घटता है और एनर्जी मिलती है। ब्रिघम एंड वुमेन्स आउटपेशेंट डिपार्टमेंट के सीनियर न्यूट्रिशनिस्ट मार्क ओमेरा कहते हैं कि यह ट्रेंड अब जरूरत से ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने हार्वर्ड पब्लिकेशन को बताया कि प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी तो है, लेकिन ज्यादा प्रोटीन लेने से शरीर को नुकसान भी हो सकता है।
आजकल इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लोग बताते हैं कि आपको रोजाना आपको 150 ग्राम या उससे ज्यादा प्रोटीन खाना चाहिए। लेकिन ये मात्रा बहुत ज्यादा है। हमारे शरीर को असल में उससे काफी कम प्रोटीन की जरूरत होती है। आप खुद भी आसानी से अपनी प्रोटीन की जरूरत पता कर सकते हैं। अपने कुल वजन को पाउंड में लें और उसे 0.36 से 0.45 तक की संख्या से गुणा करें अब जो संख्या आएगी,वो आपकी प्रोटीन की रोजाना की जरूरत (ग्राम में ) होगी। जैसे आपका वजन 110 पाउंड (लगभग 50 किलो) है, तो आपको रोजाना सिर्फ 45 ग्राम प्रोटीन चाहिए। 150 ग्राम प्रोटीन खाना आपकी किडनी को खराब करेगा।
| वर्ग (Category) | प्रोटीन की आवश्यकता (Protein Requirement) | क्यों? (Reasoning) |
| एथलीट, हाई-इंटेंस वर्कआउट करने वाले | जरूरत से लगभग 50% ज्यादा (सामान्य से 1.5 गुना तक) | मांसपेशियों की मरम्मत (Muscle Repair) और तेज ग्रोथ के लिए |
| गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं | सामान्य से 1.25 गुना ज्यादा | भ्रूण के विकास और शिशु के लिए दूध उत्पादन में सहायता हेतु। |
| जुड़वां बच्चों वाली महिलाएं | लगभग 100 ग्राम प्रतिदिन | दोहरे पोषण की जरूरतों को पूरा करने के लिए। |
| 65+ आयु के लोग (सीनियर सिटिज़न) | थोड़ा ज्यादा प्रोटीन | मांसपेशियों की हानि (सार्कोपीनिया) को रोकने और हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए (स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के साथ)। |
प्रोटीन खाने के बाद हमें पेट ज्यादा देर भरा हुआ लगता है। यह भूख शांत होने का संकेत (satiety signal) देता है। यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाता है, जिससे एनर्जी लंबे समय तक बनी रहती है। लेकिन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने हाई प्रोटीन का हाई मसल्स फॉर्मूला इतना बेच दिया है कि लोग 150–200 ग्राम तक प्रोटीन रोजाना लेने लगें हैं।
हमारी किडनी एक फिल्टर मशीन हैं। जब हम प्रोटीन खाते हैं, तो वह टूटता है और उससे कुछ नाइट्रोजन निकलती है। किडनी का काम उस गंदगी को पेशाब के रास्ते बाहर निकालना होता है। लेकिन हम ज्यादा प्रोटीन खाएंगे, तो किडनी को ओवरटाइम काम करना पड़ेगा। लंबे समय तक किडनी पर इतना दबाव पड़ने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
प्रोटीन वाले खाने में हरी सब्जियों की तुलना में 6 गुना ज्यादा कैलोरी होती है। इस कारण जो लोग वजन घटाने के लिए हाई-प्रोटीन डाइट लेते है उनको लगता है कि वे सिर्फ प्रोटीन खा रहे हैं, लेकिन वे बहुत ज्यादा कैलोरी खा लेते हैं जिसके कारण उनका वजन घटने के बजाय उल्टा बढ़ जाता है।
हमारे शरीर को जितना प्रोटीन चाहिए, अगर हम उससे ज्यादा प्रोटीन लेते हैं, तो शरीर उस अतिरिक्त प्रोटीन का इस्तेमाल नहीं कर पाता। ये प्रोटीन फिर 'एक्स्ट्रा कैलोरी' बन जाता है जो जमा होकर फैट में बदल जाता है। ज्यादा प्रोटीन खाने से शरीर में चर्बी बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है।
दोनों प्रोटीन ही अच्छे होते हैं, लेकिन शोध में प्लांट प्रोटीन ज्यादा बढ़िया माना गया है। इसमें फाइबर, विटामिन, मिनरल और फाइटोन्यूट्रिएंट भरपूर मात्रा में होते हैं। कुछ स्टडीज बताती हैं कि प्लांट प्रोटीन किडनी के लिए भी हल्का होता है। प्रोटीन शेक कभी -कभी लेना तो ठीक हैं, लेकिन बिना आर्टिफिशियल स्वीटनर वाले प्रोडक्ट चुनें तो ज्यादा बेहतर होता है।
न्यूट्रिशनिस्ट ओ'मेरा की सलाह के अनुसार हर प्रकार के भोजन में थोड़ा प्रोटीन शामिल करना चाहिए। इससे भूख कम लगती है,और ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। अपने खाने के तरीके में भी थोड़ा बदलाव करना चाहिए , सबसे पहले सब्जियां और सलाद लें, उसके बाद प्रोटीन और सबसे बाद में मिठाईयां खाएं।वरना ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
Updated on:
29 Nov 2025 11:24 am
Published on:
29 Nov 2025 09:30 am
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
