
Indore Metro: नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण, पीब्ल्यूडी और मेट्रो अफसरों के साथ रेडिसन चौराहा से लव-कुश चौराहा तक निरीक्षण करते हुए।(फोटो: पत्रिका)
Indore Metro: हर में मेट्रो रूट लगभग तैयार हो चुका है लेकिन मेट्रो स्टेशनों के आसपास कहीं पार्किंग नहीं हैं। यह बात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को अचंभित कर गई। हालांकि लोग भी यह जानकर चौंके कि मंत्री को अब जाकर पता चल रहा है, जबकि मीडिया पहले छापता रहा है।
दरअसल, बुधवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण, पीब्ल्यूडी और मेट्रो अफसरों के साथ रेडिसन चौराहा से लव-कुश चौराहा तक निरीक्षण किया। इस दौरान मेट्रो स्टेशन के पास पार्किंग नहीं होने पर उन्होंने कहा, ये बड़ी चूक है। आखिर कैसे एक्सपर्ट और कन्सल्टेंट ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसके लिए अब मेट्रो और इंदौर विकास प्राधिकरण को समन्वय कर पार्किंग के लिए भूमि तलाशने के निर्देश दिए हैं। विभागों के बीच समन्वय नहीं है, इस कारण काम लगातार प्रभावित हो रहा है।
मंत्री ने कहा कि मेट्रो रूट का निरीक्षण और बैठक की, इसमें सभी विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मेट्रो अतिशीघ्र चालू करना है। मेट्रो स्टेशन के पास पार्किंग ही नहीं है। इसके लिए कोई प्लान नहीं है। आर्किटेक्ट और डिजाइनर की बहुत बड़ी मिस्टेक है। अब मेट्रो वालों के पास वहां जमीन नहीं है तो हमने आइडीए को कहा है, कि उनके पास जमीन हो तो पार्किंग के लिए मेट्रो को दें। स्टेशन के पास पार्किंग या पिकअप पॉइंट नहीं है। मेट्रो की सफलता के लिए हर स्टेशन पर पार्किंग जरूरी है। तीनों विभागों के बीच समन्वय की कमी है। जैसे मेट्रो ने कुछ काम किया लेकिन रेस्टोरेशन ठीक नहीं हुआ है।
सभी विभाग आपस में समन्वय करके काम करें ताकि शहर की सड़कों पर इसका प्रभाव न दिखाई दे और आमजन को इसका खमियाजा न भुगतना पड़े।
आर्किटेक्ट अतुल सेठ ने बताया कि सभी विभागों में समन्वय जरूरी है। मेट्रो रूट पर पिकअप पॉइंट कहां पर हो, इसको लेकर भी फैसला किया जाना है। आइएसबीटी पर ट्रैफिक सुगमता के लिए एक टू लेन ब्रिज बनाने का सुझाव दिया है। लव-कुश चौराहा बड़ा जंक्शन हो जाएगा, यहां पांच रास्तों का एक बड़ा पॉइंट बनेगा। सिंहस्थ के समय यहां भारी ट्रैफिक दबाव होगा, इसलिए अभी से सभी विभागों को प्लान बनाना होगा।
निगम जनकार्य प्रभारी राजेन्द्र राठौर ने मंत्री से मेट्रो अधिकारियों की कार्यप्रणाली की शिकायत करते हुए कहा कि यहां सड़कों की दुर्दशा है। नगर निगम ने मरम्मत कराई, उसके बाद फिर मेट्रो के कारण सड़क खराब हो रही है। सीमेंटेड रोड कहीं भी खोद देते हैं, फिर मरम्मत नहीं की जाती। इससे न सिर्फ हादसे हो रहे हैं बल्कि शहर और नगर निगम की फजीहत भी हो रही है।
इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा, एमआइसी सदस्य राजेन्द्र राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मालूम हो कि इससे पहले हुई मीटिंग में भी पार्किंग का मुद्दा उछला था, लेकिन मेट्रो अधिकारी इसे गंभीर विषय नहीं मान रहे। मंत्री का दावा है कि पार्किंग के बिना मेट्रो सफल नहीं होगी।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि लव-कुश चौराहा पर विभिन्न विभागों के काम चल रहे हैं। इन सभी में समन्वय हो और सिंहस्थ से पहले काम पूरे हों। सर्विस रोड बन जाए। मेट्रो को लेकर हाल ही में (अंडरग्राउंड) निर्णय लिया गया था, इसका फैसला कैबिनेट से होना है। ये जल्दी हो जाए और इस पर काम शुरू हो जाए, इसको लेकर बैठक में फैसला किया गया है। शहर में ट्रैफिक सुगमता के लिए अलग-अलग कुछ प्लान बनाए हैं, उनका प्रेजेंटेशन भी बैठक में दिया गया, इनका अध्ययन किया जाएगा।
दिल्ली के रोहिणी वेस्ट निवासी रामेश्वर सिंह ने बताया कि दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के आसपास बेहतर व्यवस्था है। कुछ स्टेशन ऐसे हैं, जहां पास में पार्किंग नहीं है लेकिन उसके लिए भूमि आरक्षित है। दिल्ली में बड़ी संख्या में घरों से स्टेशन तक लोग पहुंचते हैं, उसके बाद यहां वाहन पार्क कर मेट्रो में सफर करते हैं।
रेडिसन चौराहा पर जनकार्य प्रभारी राठौर ने दिखाया कि यहां पानी रिसता है, इस कारण सड़क खराब हो रही है। मेट्रो पिलर के आसपास ही मेट्रो ने मरम्मत कराई है, जबकि सड़क पूरी खराब है।
मंत्री ने इंदौर मेट्रो के साथ ही आइएसबीटी पहुंच कर एंट्री-एग्जिट पॉइंट और क्षमता की जानकारी ली। गांधी नगर डिपो पहुंच कर मंत्री ने पूछा कि स्टेशन का क्या काम बचा है, अफसरों ने दावा किया कि 90 प्रतिशत काम हो गया। लव-कुश चौराहा पर सर्विस रोड चौड़ा किया जाए।
Updated on:
20 Nov 2025 10:05 am
Published on:
20 Nov 2025 10:03 am
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