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बहुओं को लेकर भाजपा चिंतित, SIR में नहीं मिल रहे नाम, कलेक्टर से लगाई गुहार

बहुओं को लेकर भाजपा चिंतित, एसआइआर में नहीं मिल रहे नाम, कलेक्टर से लगाई गुहार

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Special Intensive Revision (SIR)

Special Intensive Revision (SIR)

Special Intensive Revision (SIR) : मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम बाहर होने की आशंका ने भाजपा में खलबली मचा दी है। सबसे अधिक संकट उन मतदाताओं के सामने है जो हाल के वर्षों में उत्तरप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से आकर जबलपुर में बस गए हैं और वे विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में उनके नाम दर्ज हो गए थे। लेकिन 2003 की मतदाता सूची से उनके नाम मिलान नहीं हो रहे हैं। ऐसा ही दूसरे प्रदेश से आई बहुओं के साथ भी है।

Special Intensive Revision (SIR) : मतदाता सूची से नहीं मिल रहे

दरअसल, जिले में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में बीएलओ और जिला निर्वाचन कार्यालय की टीम को बड़े संख्या में ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनके दस्तावेज 2003 के आधार वर्ष की मतदाता सूची से नहीं मिल रहे हैं। ऐसे मतदाताओं का नाम नो मैपिंग सूची में डाला जा रहा है। जिसका आशय है कि यह संदेहास्पद हैं और भविष्य में इनका नाम सूची से हटने की आशंका सबसे अधिक है। नौ मैपिंग वाले मतदाताओं की बढ़ती संख्या ने भाजपा को बेचैन कर दिया है। प्रदेश में जबलपुर ऐसा जिला है, जहां के भाजपा के सभी बड़े पदाधिकारी शुक्रवार को कलेक्टे्रट जाकर कलेक्टर से मिले और अपनी चिंता से अवगत कराया। कुछ विधानसभा क्षेत्रों में प्रगति में कमी की ओर ध्यान दिलाया।

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तालमेल की कमी

भाजपा नेताओं की बातचीत में जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से तैनात बीएलओ और पार्टी के बीएलए के बीच तालमेल की कमी का मुद्दा उठा। भाजपा महानगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में बूथ स्तर में मतदाताओं को वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने, अपूर्ण दस्तावेज होने से नो मैपिंग में नाम डाल दिए जाने, बीएलओ एवं बीएलए में तालमेल न होने से मतदाताओं को असुविधा हो रही है। उन्होंने इसे ठीक करने को कहा। उन्होंने बताया कि दूसरे जिलों और प्रदेश से आई बहुओं के नाम को लेकर भी समस्या हो रही है।

दूसरे राज्यों से नहीं मिल रहे नाम

भाजपा विधायक अशोक रोहाणी ने बताया कि कलेक्टर को अवगत कराया गया है कि उत्तरप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित दूसरे राज्य की मतदाता सूची से रेकॉर्ड नहीं मिल रहे हैं। इससे नाम को लेकर समस्या पैदा हो रही है। उन्होंने बताया कि नाम खोजने की यह दिक्कत मतदाताओं को परेशान कर रही है और वह तनाव में हैं। इस स्थिति को हेल्प डेस्क में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर ठीक किया जा सकता है। ऐसा ही उन महिलाओं के नाम को लेकर भी हो रहा है, जो दूसरे राज्य से यहां आईं हैं।

बीएलए की बैठक में भी उठा मुद्दा

इससे पहले राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स की बैठक कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई थी। उसमें भी यह मुद्दा उठा था। कलेक्टर से मिलने वाले भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा नगर अध्यक्ष सोनकर, विधायक रोहाणी, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, नगरनिगम अध्यक्ष रिंकू विज, महामंत्री पंकज दुबे, जीएस ठाकुर, रजनीश यादव ने सुझाव पत्र सौंपकर हेल्प डेस्क बढ़ाने और दस्तावेजों के सत्यापन में तेजी लाने की बात कही।