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Patrika National Book Fair: ‘न्यू मीडिया: चुनौतियां एवं संभावनाएं’ पर सत्र, ‘मीडिया के लिए विश्वसनीयता किसी चुनौती से कम नहीं’

Patrika National Book Fair: पत्रिका नेशनल बुक फेयर के चौथे दिन जवाहर कला केंद्र में ‘न्यू मीडिया: चुनौतियां एवं संभावनाएं’ विषय पर सत्र आयोजित हुआ। विशेषज्ञों ने डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया की विश्वसनीयता, फेक न्यूज रोकने और डिजिटल लिटरेसी की जरूरत पर जोर दिया।

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जयपुर

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Arvind Rao

Nov 19, 2025

Patrika National Book Fair

‘न्यू मीडिया: चुनौतियां एवं संभावनाएं’ विषय पर सत्र का हुआ आयोजन

Patrika National Book Fair: जयपुर: पत्रिका नेशनल बुक फेयर के चौथे दिन मंगलवार को जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में ’न्यू मीडिया: चुनौतियां एवं संभावनाएं’ पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें वक्ताओं ने डिजिटल, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया में आने वाली चुनौतियों को लेकर दिलचस्प अंदाज में अपने अनुभव साझा किए।

सत्र में हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की न्यू मीडिया हेड डॉ. शालिनी जोशी, वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भूषण और वरिष्ठ पत्रकार विजय झा ने अपने विचार व्यक्त किए। सत्र के दौरान आज के समय में प्रिंट मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया की विश्वसनीयता को लेकर अहम चर्चा हुई।

चर्चा में डॉ. शालिनी जोशी ने ट्रेडिशनल, डिजिटल और प्रिंट मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इन दिनों रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के लिए विश्वसनीयता और अथॉरिटी किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में विश्वसनीयता का बड़ा संकट पैदा होता जा रहा है, जिसके चलते सर्कुलेशन घटते जा रहे हैं और रेवेन्यू भी गिरता जा रहा है।

'फेक न्यूज को रोकना होगा'

सत्र में वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भूषण ने कहा कि न्यू मीडिया की नई पीढ़ी को गलतफहमी, खुश-फहमी और मुगालते से बाहर निकलना होगा। उन्हें लिखने के लिए पहले पढ़ना होगा, तभी जाकर उन तक सही जानकारी पहुंचेगी।

सत्र में वरिष्ठ पत्रकार विजय झा ने कहा कि पहले पत्रकार मीडिया हाउस से ही बना करते थे, लेकिन आज उनकी जगह इंस्टीट्यूट ने ले ली है। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया के प्रति विश्वसनीयता आते ही प्रिंट मीडिया के लिए खतरा पैदा होना संभव है।

आज खबरों की विश्वसनीयता पर सवाल उठना लाजिमी है। फेक न्यूज को रोकना होगा। पाठकों को डिजिटल लिटरेसी का मतलब समझना होगा। व्यूज और लाइक्स के तरीके से बाहर निकलना होगा। इस सत्र का संचालन राजस्थान पत्रिका के डिप्टी एडिटर अभिषेक तिवारी ने किया।