
18 संयुक्त सचिवों के तबादले से हिला सचिवालय (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
UP Govt Transfers 18 Joint Secretaries: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा देने वाला बड़ा फैसला लिया। शासन ने एक झटके में डेढ़ दर्जन यानी 18 संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में कई महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं, जिनमें सबसे चर्चित नाम शकील अहमद सिद्दीकी का है, जिन्हें लंबे समय से प्रतीक्षारत स्थिति से मुक्त कर उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में तैनाती दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक दक्षता को और सुदृढ़ बनाने तथा विभागीय कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है। प्रमुख सचिव स्तर से लेकर संयुक्त सचिव स्तर तक व्यापक स्तर पर बदलावों की इस श्रृंखला को शासन में नई ऊर्जा और संतुलन स्थापित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
शकील अहमद सिद्दीकी पिछले कई महीनों से प्रतीक्षारत थे। वे पहले भी शिक्षा नीति, उच्च शिक्षा सुधार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ी परियोजनाओं में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। उनकी प्रशासनिक दक्षता और संतुलित कार्यशैली को देखते हुए उन्हें उच्च शिक्षा विभाग में जिम्मेदारी दी गई है। शासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सिद्दीकी की तैनाती से विभागीय नीतियों में तेजी आने की संभावना है, विशेषकर राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में चल रही नई शिक्षा नीति (NEP 2020) की क्रियान्वयन प्रक्रिया को गति मिलेगी।
मुख्य सचिव कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि यह तबादला प्रक्रिया किसी भी तरह की नियमित रूटीन कवायद नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक पुनर्संरचना (Strategic Reshuffle) है। इसका उद्देश्य विभागों में बेहतर समन्वय स्थापित करना और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाना है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इन तबादलों की समीक्षा कर रहे थे, ताकि प्रमुख विभागों में “योग्य अधिकारियों की उपयुक्त तैनाती” सुनिश्चित की जा सके।
राज्य सरकार द्वारा जारी सूची में 18 संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जिनकी तैनाती इस प्रकार है -
शासनिक सूत्रों की मानें तो मुख्य सचिव कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शासन का उद्देश्य विभागों में ऐसे अधिकारियों की तैनाती करना है जो न केवल नीतिगत समझ रखते हों, बल्कि क्रियान्वयन स्तर पर भी परिणाम दे सकें। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल पदस्थापन नहीं बल्कि गुड गवर्नेंस की दिशा में एक कदम है। शासन चाहता है कि हर अधिकारी अपने अनुभव और विशेषज्ञता के अनुसार विभागीय लक्ष्यों को गति दे सके।”
शकील अहमद सिद्दीकी की नियुक्ति से उच्च शिक्षा विभाग में नई रणनीतियों को गति मिलने की उम्मीद है। जानकार बताते हैं कि विभाग वर्तमान में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं जैसे विश्वविद्यालयों की ग्रेडिंग प्रक्रिया, ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था, नई शिक्षा नीति (NEP 2020) का कार्यान्वयन, और निजी विश्वविद्यालयों के निरीक्षण से जुड़ी गतिविधियों पर तेजी से काम कर रहा है। ऐसे में सिद्दीकी जैसे अनुभवी अधिकारी की तैनाती विभागीय कामकाज को नया आयाम दे सकती है।
सोमवार देर रात जारी हुए इस आदेश ने शासन सचिवालय से लेकर कई विभागों में हलचल मचा दी। प्रशासनिक हलकों में इसे “संतुलन साधने की कवायद” बताया जा रहा है। कई अधिकारी नई जिम्मेदारियों को लेकर मंगलवार सुबह से ही अपने-अपने विभागों में कार्यभार ग्रहण करने पहुँचे। सरकार के इस कदम से यह स्पष्ट है कि योगी सरकार प्रशासनिक मशीनरी को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। राज्य सरकार पहले भी कई बार संयुक्त सचिव और उप सचिव स्तर के तबादलों के माध्यम से कार्यकुशलता बढ़ाने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन इस बार का फेरबदल विशेष रूप से संतुलित और योजनाबद्ध माना जा रहा है।
Updated on:
04 Nov 2025 01:47 pm
Published on:
04 Nov 2025 01:44 pm
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