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Transfers 18 Joint Secretaries: प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, शकील अहमद सिद्दीकी को उच्च शिक्षा विभाग की नई जिम्मेदारी

UP Government: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 18 संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इनमें शकील अहमद सिद्दीकी को प्रतीक्षारत स्थिति से मुक्त कर उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में तैनात किया गया है। फेरबदल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Nov 04, 2025

18 संयुक्त सचिवों के तबादले से हिला सचिवालय (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

18 संयुक्त सचिवों के तबादले से हिला सचिवालय (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

UP Govt Transfers 18 Joint Secretaries: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा देने वाला बड़ा फैसला लिया। शासन ने एक झटके में डेढ़ दर्जन यानी 18 संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में कई महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं, जिनमें सबसे चर्चित नाम शकील अहमद सिद्दीकी का है, जिन्हें लंबे समय से प्रतीक्षारत स्थिति से मुक्त कर उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में तैनाती दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक दक्षता को और सुदृढ़ बनाने तथा विभागीय कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है। प्रमुख सचिव स्तर से लेकर संयुक्त सचिव स्तर तक व्यापक स्तर पर बदलावों की इस श्रृंखला को शासन में नई ऊर्जा और संतुलन स्थापित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

शकील अहमद सिद्दीकी को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

शकील अहमद सिद्दीकी पिछले कई महीनों से प्रतीक्षारत थे। वे पहले भी शिक्षा नीति, उच्च शिक्षा सुधार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ी परियोजनाओं में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। उनकी प्रशासनिक दक्षता और संतुलित कार्यशैली को देखते हुए उन्हें उच्च शिक्षा विभाग में जिम्मेदारी दी गई है। शासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सिद्दीकी की तैनाती से विभागीय नीतियों में तेजी आने की संभावना है, विशेषकर राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में चल रही नई शिक्षा नीति (NEP 2020) की क्रियान्वयन प्रक्रिया को गति मिलेगी।

प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यकुशलता में सुधार

मुख्य सचिव कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि यह तबादला प्रक्रिया किसी भी तरह की नियमित रूटीन कवायद नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक पुनर्संरचना (Strategic Reshuffle) है। इसका उद्देश्य विभागों में बेहतर समन्वय स्थापित करना और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाना है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इन तबादलों की समीक्षा कर रहे थे, ताकि प्रमुख विभागों में “योग्य अधिकारियों की उपयुक्त तैनाती” सुनिश्चित की जा सके।

तबादला सूची में शामिल प्रमुख नाम

राज्य सरकार द्वारा जारी सूची में 18 संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जिनकी तैनाती इस प्रकार है -

  • शकील अहमद सिद्दीकी - प्रतीक्षारत स्थिति से मुक्त कर उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव।
  • अमित कुमार सिंह- भेजे गए गृह विभाग में।
  • नीता मिश्रा- वित्त विभाग में संयुक्त सचिव पद पर नियुक्त।
  • विजय बहादुर यादव -स्थानांतरित होकर राजस्व विभाग में पहुँचे।
  • संदीप वर्मा- नए पंचायतीराज विभाग में तैनात।
  • रमेश चंद्र तिवारी - वित्त विभाग से युवा कल्याण विभाग में।
  • आशुतोष चंद्र पांडेय - गृह विभाग से वित्त विभाग में।
  • महेंद्र कुमार त्रिपाठी - नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति से गृह विभाग में।
  • अनिल कुमार सिंह- सहकारिता विभाग से राजस्व विभाग में।
  • प्रेमेंद्र कुमार गुप्ता-गृह विभाग से भाषा विभाग में।
  • विनोद कुमार सिंह - कृषि विभाग से धर्मार्थ कार्य विभाग में।
  • विचित्र नारायण- खाद्य एवं रसद से बाह्य सहायता परियोजना विभाग में।
  • अवनीन्द्र कुमार शुक्ल - श्रम विभाग से राज्य संपत्ति विभाग में।
  • राम प्रकाश सिंह- राजस्व विभाग से सचिवालय प्रशासन विभाग में।
  • विनोद कुमार द्विवेदी - वित्त विभाग से समन्वय विभाग में।
  • पुष्पेंद्र सिंह- MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग से सार्वजनिक उद्यम विभाग में।
  • विनय कुमार - उद्यान विभाग से राष्ट्रीय एकीकरण विभाग में।
  • सत्य प्रकाश सिंह- वित्त विभाग से गृह विभाग में।
  • प्रेम कुमार पांडेय - उच्च शिक्षा विभाग से वित्त विभाग में भेजे गए।

शासनिक सूत्रों की मानें तो मुख्य सचिव कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शासन का उद्देश्य विभागों में ऐसे अधिकारियों की तैनाती करना है जो न केवल नीतिगत समझ रखते हों, बल्कि क्रियान्वयन स्तर पर भी परिणाम दे सकें। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल पदस्थापन नहीं बल्कि गुड गवर्नेंस की दिशा में एक कदम है। शासन चाहता है कि हर अधिकारी अपने अनुभव और विशेषज्ञता के अनुसार विभागीय लक्ष्यों को गति दे सके।”

उच्च शिक्षा विभाग में नई ऊर्जा की उम्मीद

शकील अहमद सिद्दीकी की नियुक्ति से उच्च शिक्षा विभाग में नई रणनीतियों को गति मिलने की उम्मीद है। जानकार बताते हैं कि विभाग वर्तमान में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं जैसे विश्वविद्यालयों की ग्रेडिंग प्रक्रिया, ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था, नई शिक्षा नीति (NEP 2020) का कार्यान्वयन, और निजी विश्वविद्यालयों के निरीक्षण से जुड़ी गतिविधियों पर तेजी से काम कर रहा है। ऐसे में सिद्दीकी जैसे अनुभवी अधिकारी की तैनाती विभागीय कामकाज को नया आयाम दे सकती है।

रात में जारी हुआ आदेश, प्रशासनिक हलकों में चर्चा

सोमवार देर रात जारी हुए इस आदेश ने शासन सचिवालय से लेकर कई विभागों में हलचल मचा दी। प्रशासनिक हलकों में इसे “संतुलन साधने की कवायद” बताया जा रहा है। कई अधिकारी नई जिम्मेदारियों को लेकर मंगलवार सुबह से ही अपने-अपने विभागों में कार्यभार ग्रहण करने पहुँचे। सरकार के इस कदम से यह स्पष्ट है कि योगी सरकार प्रशासनिक मशीनरी को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। राज्य सरकार पहले भी कई बार संयुक्त सचिव और उप सचिव स्तर के तबादलों के माध्यम से कार्यकुशलता बढ़ाने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन इस बार का फेरबदल विशेष रूप से संतुलित और योजनाबद्ध माना जा रहा है।