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आर्मी हेडक्वार्टर में चोरी कर गोवा में मनाई पार्टी, मुंबई लौटते ही तीनों चोर गिरफ्तार

मुंबई पुलिस के मुताबिक, यह कोई साधारण चोरी नहीं थी। आरोपियों ने सेना मुख्यालय के पिछले रास्ते का पता लगाया, फिर रात के अंधेरे में अंदर घुसे और वारदात को अंजाम दिया।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Nov 09, 2025

Maharashtra police

मुंबई में आर्मी हेडक्वार्टर में सेंध लगाने वाले 3 चोर गिरफ्तार (AI Image)

मुंबई में सेना के दक्षिणी कमान मुख्यालय (आर्मी हेडक्वार्टर) में हुई चोरी ने पूरे सुरक्षा तंत्र को हिला दिया है। एक कर्नल के केबिन से सर्विस पिस्टल, 9 कारतूस, करीब साढ़े चार सौ ग्राम चांदी के बर्तन और 3 लाख रुपये नकद चोरी हो गए। चार दिन की कड़ी जांच के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-12 ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मुंबई पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी मलाड के कुरार इलाके के रहने वाले हैं और पहले भी चोरी के कई मामलों में शामिल रह चुके हैं। उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में सेंध लगाने से पहले रेकी की थी और पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह कोई आम चोरी नहीं थी। इन लोगों ने मुख्यालय के पिछले रास्ते का पता लगाया फिर रात के अंधेरे में अंदर घुसे और कर्नल के केबिन का ताला तोड़कर चोरी को अंजाम दिया। ये बेहद चालाक और पेशेवर अपराधी हैं।”

चोरी के बाद गोवा में मौज-मस्ती

वारदात के बाद तीनों आरोपी चोरी का माल लेकर गोवा भाग गए, जहां उन्होंने चोरी के पैसों से लग्जरी होटल में रूककर शराब और मौज-मस्ती की। लेकिन उनकी किस्मत ज्यादा दिन नहीं चली। जैसे ही वे मुंबई लौटे क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली और टीम ने तीनों को मलाड के एक किराए के फ्लैट से दबोच लिया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से कर्नल की चोरी हुई सर्विस पिस्टल, सभी कारतूस, चांदी के बर्तन और बचे हुए पैसे बरामद कर लिए।

सेना ने की आंतरिक जांच शुरू

जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने पहले रेकी की थी और उसे सुरक्षा व्यवस्था की कमजोर कड़ी की पूरी जानकारी थी। उसने ही अपने दो साथियों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। घटना के दिन एक आरोपी बाहर निगरानी कर रहा था, जबकि बाकी दो मुख्यालय में घुसे। हालांकि अंदरूनी मिलीभगत की संभावना से पुलिस ने फिलहाल इनकार किया है।

घटना के बाद भारतीय सेना ने तत्काल आंतरिक जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है, क्योंकि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद तीन चोर सेना मुख्यालय में घुस गए और सेंध लगाकर भागने में सफल रहे।