
पीएम मोदी (फोटो- एएनआई)
जल जीवन मिशन में कई राज्यों से गड़बड़ियों की शिकायत आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार पीएम ने जल शक्ति मंत्रालय को निर्देश दिया है कि मिशन में जहां भी अनियमितताएं सामने आई हैं, वहां तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही जब तक राज्य सरकारें दोषियों पर कार्रवाई नहीं करतीं, तब तक केंद्र मिशन के लिए एक भी पैसा जारी न करे।
पीएम मोदी ने अधिकारियों से कहा कि इस योजना में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और सिर्फ कनेक्शन देना ही नहीं, पाइप से पानी पहुंचना भी सुनिश्चित किया जाए। गौरतलब है कि जल जीवन मिशन में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद पूरे देश में ऑडिट के लिए सीएनओ यानी सेंट्रल ऑडिट ऑफिसर्स को ट्रेनिंग देकर भेजा गया था। इनकी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकारों से कार्रवाई करने को कहा गया था।
देशभर में हुए ऑडिट के बाद 20 राज्यों असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, ओडिशा, राजस्थान, त्रिपुरा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पंजाब और पश्चिम बंगाल ने अपनी ऐक्शन टेकन रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है। इन राज्यों में 607 मामलों में गड़बड़ियां मिली थी। इनमें 621 अधिकारियों, 969 ठेकेदारों और 153 थर्ड पार्टी एजेंसियों पर कार्रवाई हुई हैं। अब तक 20 अधिकारियों, 10 ठेकेदारों और एक एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जबकि एक पूर्व मंत्री समेत कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
बताया जाता है कि जल जीवन मिशन में अब गड़बडिय़ों को रोकने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया गया है। इसमें हर गांव की पाइपलाइन की यूनिक आइडी बनाई गई है। इसके बाद ठेकेदारों द्वारा किए गए कामकाज की ट्रैकिंग होगी। बता दें कि, पत्रिका ने हर घर नल से जल योजना में नल लगने के बाद भी कई जगह पर पानी नहीं पहुंचने की हकीकत को उजागर किया था। गड़बडिय़ों की शिकायत के बाद केंद्र ने टीमों का गठन कर उन्हें जिलों में भेजा था।
Published on:
26 Nov 2025 10:46 am
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