
फोटो सोर्स: पत्रिका
MP News: जिलेभर में कार्यरत अतिथि शिक्षक इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। जुलाई और अगस्त माह का मानदेय अब तक जारी न होने से शिक्षकों में भारी नाराजगी है। लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने 17 अक्टूबर को सप्लीमेंट्री मानदेय भुगतान के स्पष्ट आदेश दिए थे कि लंबित मानदेय का भुगतान तत्काल किया जाए। दो माह बीत जाने के बाद भी भुगतान न होने से अतिथि शिक्षकों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
पवई विकासखंड में शिक्षकों का कहना है कि पहले से ही बेहद कम मानदेय में काम करना पड़ता है, ऐसे में महीनों तक भुगतान अटक जाने से परिवार चलाना कठिन हो गया है। कई शिक्षकों ने बताया कि त्योहारों के बाद से घरों में आर्थिक भार बढ़ गया है। बच्चों की फीस, किराया, घर खर्च और बैंक की ईएमआइ समय पर न भर पाने की स्थितियां बन रही हैं। कुछ शिक्षकों ने यह भी कहा कि मानदेय के भरोसे पूरा महीना निकालना मुश्किल होता है और जब यही समय पर नहीं मिलता तो मानसिक तनाव बढ़ जाता है।
मामले में संकुल प्राचार्यों का कहना है कि उनके स्तर से अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति, दस्तावेज तथा आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर जनपद शिक्षा केंद्र को भेज दी गई थीं। उन्होंने साफ किया कि मानदेय वितरण में देरी उच्च स्तर से है। लंबित भुगतान को लेकर अतिथि शिक्षकों ने शासन और शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द मानदेय जारी करने की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि भुगतान में और देरी हुई तो वे सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराएंगे। इस संबंध में जब सहायक संचालक नम्रता जैन और जिला शिक्षा अधिकारी रवि खरे से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो दोनों अधिकारियों ने कॉल रिसीव नहीं किया।
लोक शिक्षण संचनालय के आदेश के बाद भी जिले मे अभी तक सप्लीमेंट्री मानदेय का भुगतान ना होना दुर्भाग्यपूर्ण है। -जीतेंद्र गर्ग, पूर्व जिलाध्यक्ष अतिथि शिक्षक संघ
Published on:
23 Nov 2025 01:53 pm
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