
राष्ट्रीय जनता दल सांसद मनोज झा (Photo: IANS)
बिहार चुनाव 2025: आरजेडी नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने 1952 की चर्चा करते हुए कहा कि संभवत: उसके बाद पहली बार मौलिक मुद्दे, रोटी, भोजन, और नौकरी के मुद्दे पर चुनाव हो रहा है। चुनाव में आम लोगों से जुड़े मुद्दे होने की वजह से यह चुनाव क्रिटिकल हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि 2025 का विधानसभा चुनाव बुनियादी बदलाव का है। जिसमें बात बदलाव की और रोजगार की हो रही है।
मनोज झा ने महागठबंधन के वादों की चर्चा करते हुए कहा कि एनडीए के लोग जिसकी चर्चा चुनाव में कर रहे हैं हम लोग उन मुद्दों पर पिछले दो वर्षो से चर्चा कर रहे हैं। एनडीए की बिहार में 20 वर्षो से सरकार है। फिर भी वे रोजी रोजगार को अपना चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। विपक्ष ने जब इसको मुद्दा बनाया तो वो इसपर चर्चा करने लगे। उनको तो बताना चाहिए कि पिछले 20 सालों में उन्होंने कितने लोगों को रोजगार दिया। हमने जब वादा किया कि रोजगार देंगे तब वे भी कह रहे हैं कि हम भी रोजगार देंगे।
मनोज झा ने कहा कि तेजस्वी यादव की वजह से बिहार में चुनाव का मुद्दा रोजी और रोजगार बना। तेजस्वी यादव ने सबसे पहले इसे मुद्दा बनाया। इसके बाद यह चुनावी मुद्दा बन गया। महिलाओं को सम्मान देने की जब हम लोगों ने बात की तब वे इस दिशा में वादा करने लगे। मनोज झा ने कहा कि मेरा सवाल है कि अभी तक महिलाओं को सम्मान क्यों नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव अगर रोजी रोजगार की चर्चा नहीं करते तो बिहार में नौकरी चुनावी मुद्दा नहीं बनता।
कटिहार में प्रधानमंत्री मोदी के कट्टा वाले बयान पर उन्होंने कहा कि इसके लिए हम पीएम मोदी जी को धन्यवाद देता हूं। क्योंकि कट्टा और कटुता की बात वो ही बोल सकते हैं। पीएम मोदी पर तंज कसते हुए मनोज झा ने कहा कि वे अपने स्वभाविक गुणों को दूसरे पर चिपकाने की कोशिश कर रहे हैं। सीधी सी बात है हम महागठबंधन में साथ थे, और अब भी साथ हैं। सभी ने मिलकर अपनी प्रतिबद्धता जताई थी। इसके बाद ही तेजस्वी यादव को महागठबंधन का नेता बनाया गया। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी, आप देश के प्रधानमंत्री हैं कम से कम थोड़ी तो मर्यादा रखिए…
Updated on:
05 Nov 2025 01:47 pm
Published on:
05 Nov 2025 01:11 pm
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