
RJD विधायक आलोक मेहता का हूटिंग । फोटो- सोशल मीडिया
बिहार में विधानसभा चुनाव की 6 अक्तूबर के आस पास घोषणा हो सकती है। इस बीच राजनीतिक दलों के साथ- साथ संभावित प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। वोटरों से अपने पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे हैं। लेकिन, इसी क्रम में कई संभावित प्रत्याशी और विधायकों का विरोध भी हो रहा है। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।
यह वीडियो नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री और उजियापुर के राजद विधायक आलोक मेहता का है। आलोक मेहता को अपने ही विधानसभा क्षेत्र के उजियारपुर के एक गांव में विरोध झेलना पड़ा। विरोध और हंगामा के कारण विधायक जी को उल्टे पांव लौटना पड़ा। उनके विरोध का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। विरोध करने वाली जनता का आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद पांच साल में एक बार भी गांव में नहीं आए।
आरजेडी विधायक आलोक मेहता शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र उजियारपुर के रायपुर पंचायत के आईटीआई महादलित टोला वोट मांगने पहुंचे थे। विधायक जी को देखते ही कुछ लोग भड़क गए। खुद को आरजेडी का वोटर बताने वाले कुछ लोगों ने कहा कि आप लालटेन के नाम पर कलंक हैं। सब बेकार कर दिया। कुछ नहीं किए। पांच सालों में कभी पूछने नहीं आए। अब चुनाव करीब तो समय मिला है। यह सुनकर आलोक मेहता असहज हो गए।
महादलित टोला में जब आरजेडी विधायक का विरोध हुआ तो कुछ युवक इसका वीडियो बना लिया। हालांकि आलोक मेहता उनको ऐसा करने से मना भी किया। लेकिन तब तक विरोध का वीडियो मोबाइल के कैमरे में रिकॉर्ड हो गया था। विरोध कर रहे एक शख्स ने तो गुस्से में आलोक मेहता को वापस चले जाने को कहा। उसने कहा कि जब हमें दिक्कत होती है तो पूछने तक नहीं आते हैं। पांच सालों तक कभी हम लोगों की याद नहीं आयी। अब आए हैं जब वोट का समय आ गया है। विधायक लोगों का विरोध झेल नहीं पाए और वहां से लौट गए। इस दौरान वे लोगों के आगे हाथ जोड़ते भी नजर आए।
आलोक मेहता आरजेडी प्रमुख लालू यादव के खास करीबी में से एक हैं। महागठबंधन की सरकार में भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री और बाद में शिक्षा मंत्री बनाए गए थे। उनके पिताजी ने भी इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।
Updated on:
28 Sept 2025 07:10 am
Published on:
28 Sept 2025 07:07 am
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