
प्रदर्शन करते ग्रामीण। फोटो- पत्रिका
मंडार। सोनेला गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर माताजी मंदिर के पास 46 लाख रुपए की लागत से बन रहे उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग किए जाने के आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर नाराजगी जताते हुए छत डालने की प्रक्रिया रुकवा दी और अब तक हुए निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई।
सूचना मिलते ही रेवदर ब्लॉक चिकित्साधिकारी डॉ. लोंग मोहम्मद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि संबंधित विभाग के एईएन सहित उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करवा जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही निर्माण कार्य पुनः शुरू होगा।
ग्रामीणों को जानकारी मिली कि ठेकेदार भवन पर छत डालने की तैयारी कर रहा है। पहले की गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में निर्माण स्थल पर पहुंचे और प्रशासन-विभाग के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों ने ठेकेदार को स्पष्ट कहा कि जब तक निर्माण और उपयोग सामग्री की जांच नहीं होती, तब तक कार्य शुरू नहीं किया जाए। इस संबंध में ग्रामीणों ने रेवदर ब्लॉक चिकित्साधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।
ठेकेदार सतीश कुमार जोशी ने बताया कि भवन का बजट 46 लाख रुपए है और निर्माण दो हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में स्वीकृत नक्शे के अनुसार किया जा रहा है। सीमेंट और सरिया ब्रांडेड हैं और ग्रामीण जिस भी एजेंसी से चाहें, जांच करवा सकते हैं। ग्रामीणों के आग्रह और ब्लॉक चिकित्साधिकारी के निर्देश पर फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है।
सोनेला निवासी नरसा राम माली, मफाराम माली और महेंद्र कुमार माली ने बताया कि गत 19 सितंबर को 'प्रशासन गांवों के संग' शिविर में भी उन्होंने प्रभारी को ज्ञापन देकर शिकायत की थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बढ़ती आबादी को देखते हुए सरकार ने माताजी की ढाणी के पास उप स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किया है, लेकिन ठेकेदार की ओर से घटिया सीमेंट, कमजोर सरिया और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर जांच करवाने और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई जांच नहीं हुई।
Updated on:
29 Nov 2025 02:32 pm
Published on:
29 Nov 2025 02:28 pm
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