30 नवंबर 2025,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बच्चों की शुरुआती दिनचर्या कुछ महीनों में मोटापे का खतरा बढ़ा सकती है

एक नए शोध से पता चला है कि बच्चे के जन्म के पहले 8 हफ्तों में बनाई गई दिनचर्या, 6 महीने बाद उनके वजन और विकास पर असर डाल सकती है। यह अध्ययन पैन स्टेट विश्वविद्यालय द्वारा किया गया है।

2 min read
Google source verification

जयपुर। शिशुओं की जिंदगी बहुत तेजी से बदलती है, और रोज़मर्रा की छोटी-छोटी आदतें उनके भविष्य के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। कई बार परिवार पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन सही मार्गदर्शन न होने से शुरुआती दिनचर्या अनजाने में गलत आदतों में बदल जाती है। एक नए शोध से पता चला है कि बच्चे के जन्म के पहले 8 हफ्तों में बनाई गई दिनचर्या, 6 महीने बाद उनके वजन और विकास पर असर डाल सकती है। यह अध्ययन पैन स्टेट विश्वविद्यालय द्वारा किया गया है।

शुरुआती जोखिम और मोटापे का डर

अमेरिका में लगभग 1.5 करोड़ बच्चे मोटापे से जूझ रहे हैं, जिससे भविष्य में उन्हें डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि:

अध्ययन में 9 ऐसी आदतें पाई गईं जिनसे 6 महीने में बच्चे का वजन और BMI अधिक पाया गया। इनमें शामिल हैं:

  • बहुत बड़े बोतल/फीडर का उपयोग
  • रात में बार-बार दूध पिलाना
  • कम खेलना या एक्टिविटी कम होना
  • हर समय भूख लगने का अंदाज़ा लगाना
  • देर से सोना
  • टीवी या मोबाइल वाली जगह पर सोना
  • बच्चे को गोद में सुलाकर बिस्तर पर लेटना

लेकिन एक बात अलग थी, बार-बार रात में बच्चे का जागना हल्के वजन से जुड़ा पाया गया, शायद स्तन दूध और फॉर्मूला दूध की पाचन प्रक्रिया में अंतर के कारण।

क्यों हो रही हैं ये समस्याएं

कम आय वाले परिवारों के लिए ये स्थिति और कठिन होती है क्योंकि:

  • तनाव और सीमित संसाधन
  • सही सलाह पाने में मुश्किल
  • बच्चों को शांत करने के लिए खाना या स्क्रीन देना

विशेषज्ञों ने कहा कि डॉक्टरों के पास समय कम रहता है, इसलिए ज़रूरी आदतों को पहचानना जरूरी है। इसके लिए Early Healthy Lifestyles (EHL) टूल बनाया गया है, जिसे parents सिर्फ 2 मिनट में भर सकते हैं, और इससे पता चलता है कि किन आदतों पर ध्यान देने की ज़रूरत है।

बच्चों की आदतें क्यों ज़रूरी

शोध में पाया गया कि:

  • रोना बंद करने के लिए बार-बार खाना देने से बच्चा अनावश्यक खाने की आदत सीखता है
  • बोतल खत्म करने का दबाव वजन बढ़ाता है
  • कम tummy time (पेट के बल खेलना) वजन बढ़ाता है
  • कम नींद और ज्यादा स्क्रीन टाइम मोटापा बढ़ाता है

शोध में पाया गया कि जिन बच्चों के EHL स्कोर ज्यादा थे, उनका वजन और BMI 6 महीने में ज्यादा था।
अगर शुरुआती समय में सही मार्गदर्शन मिले, तो बच्चों में मोटापे को रोकना आसान हो जाता है।

अध्ययन JAMA Network Open जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

-