30 नवंबर 2025,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलवर

जलदाय विभाग की मनमानी चरम पर, टूटी पाइपलाइन ग्रामीण ग्रामीणों को नहीं​ मिल रहा पानी….. देखें वीडियो

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध कनेक्शन हटाए नहीं गए और टूटी पाइपलाइन दुरुस्त नहीं की गई, तो वे सामूहिक तौर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि जलदाय विभाग की इस गंभीर अनदेखी का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है, जबकि अधिकारी सिर्फ कागजी खानापूर्ति में व्यस्त हैं। पानी जैसी महत्वपूर्ण सुविधा के प्रति विभाग की यह उदासीनता ग्रामीणों में भारी रोष पैदा कर रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और पिनान के लोगों को इस संकट से राहत मिलती है।

Google source verification

अलवर

image

kailash Sharma

Nov 28, 2025

पिनान क्षेत्र में जलदाय विभाग की लापरवाही और मनमानी के चलते ग्रामीण इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। गांव में राइजिंग लाइन पर अवैध कनेक्शन धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिससे सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई जगहों पर पाइप लाइन टूटी हुई है, जिससे हजारों लीटर पानी बहकर बर्बाद हो रहा है, लेकिन समस्या का समाधान करने वाला कोई नहीं है।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते और उनका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ या नॉट रीचेबल मिलता है। इससे साफ है कि विभागीय अनदेखी के कारण लोगों को बुनियादी सुविधा से वंचित किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टूटे पाइपों से पानी सड़कों पर बह रहा है, जबकि घरों में बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। अवैध कनेक्शन के कारण सप्लाई लाइन पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है, जिससे बार-बार पाइप फटने की समस्या पैदा हो रही है। इसके बावजूद विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध कनेक्शन हटाए नहीं गए और टूटी पाइपलाइन दुरुस्त नहीं की गई, तो वे सामूहिक तौर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि जलदाय विभाग की इस गंभीर अनदेखी का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है, जबकि अधिकारी सिर्फ कागजी खानापूर्ति में व्यस्त हैं। पानी जैसी महत्वपूर्ण सुविधा के प्रति विभाग की यह उदासीनता ग्रामीणों में भारी रोष पैदा कर रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और पिनान के लोगों को इस संकट से राहत मिलती है।