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रखरखाव की लापरवाही उजागर! पॉन्ड का तटबंध टूटते ही मिनी हाइडल प्लांट में घुसा पानी, बिजली उत्पादन हुआ बंद

CG News: स्टॉप डैम का तटबंध टूटने से पावर प्लांट के अंदर पानी घुस गया, जिससे विद्युत उत्पादन ठप हो गया। प्लांट में पानी भरता देख कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई।

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हाइडल प्लांट के पॉन्ड का तटबंध क्षतिग्रस्त (फोटो सोर्स- पत्रिका)

हाइडल प्लांट के पॉन्ड का तटबंध क्षतिग्रस्त (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Korba News: गुरुवार को छत्तीसगढ़ राज्य बिजली उत्पादन कंपनी के हसदेव थर्मल पावर स्टेशन (एचटीपीएस) के पास स्थित मिनी हाइडल प्लांट के पॉंड का तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया। इससे पॉंड का पानी तेज बहाव के साथ मिनी हाइडल प्लांट के भीतर घुसने लगा। इसे देखकर हाइडल प्लांट के भीतर मौजूद कर्मचारी बाहर निकलकर भागने लगे।

देखते ही देखते कुछ देर में हाइडल प्लांट के भीतर की मशीने पानी में समा गई। ऐसे में इस घटना के बाद मिनी हाइडल प्लांट में बिजली उत्पादन बंद करना पडा है। करीब दो घंटे के रेस्क्यू के बाद पॉंड के क्षतिग्रस्त हिस्से का सुधार कर पानी का बहाव रोक दिया गया है, लेकिन आगे सुधार कार्य में जारी है। वहीं इस घटना के बाद पोंड के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही भी उजागर हो गई है।

सेफ्टी वॉल के नीचे के हिस्से में दरार आ गई

एचटीपीएस में छत्तीसगढ राज्य बिजली कंपनी का 1.70 मेगावाट का क्षमता का मिनी हाइडल पावर प्लांट संचालित है। यह कंपनी के थर्मल पावर प्लांट के रिटर्निंग केनॉल से लगा हुआ है। हाइडल प्लांट को पानी लगातार पानी मिलता रहे, इसके लिए यहां हाइडल प्लांट के पीछे की तरफ पॉंड भी बनाया गया है। गुरूवार की सुबह करीब 8.45 बजे इसी पॉंड का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके एक छोर पर बने सेफ्टी वॉल के नीचे के हिस्से में दरार आ गई।

पानी के प्रेशर के कारण यह हिस्सा और ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गया और पानी बाहर की तरफ बहने लगा। ढालान की वजह से पॉंड से निकला पानी मिनी हाइडल प्लांट की तरफ जाने लगा। धीरे-धीरे हाइडल प्लांट के बाहर और भीतर के हिस्से में भी पानी भर गया। समय रहते यहां मौजूद कुछ कर्मचारी बाहर निकल गए, इसलिए कोई बड़ी घटना नहीं हुई। इधर इस घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रबंधन के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे।

0.85 मेगावाट की दो इकाई है संचालित

हसदेव थर्मल पावर स्टेशन के मिनी हाइडल प्लांट में 0.85 मेगावाट की दो इकाईयां संचालित है। इसके पॉंड का तटबंध क्षतिग्रस्त होने की वजह से पानी प्लांट के भीतर घुस गया। इसके कारण हाइडल प्लांट का टरबाईन, जनरेटर व लुब ऑयल सेक्शन और गवर्नेंस एरिया में पानी भर गया। घटना के समय प्लांट से हॉफ लोड पर बिजली उत्पादन हो रहा था। हालॉकि अब दोनों इकाईयों से बिजली का उत्पादन अस्थाई तौर पर बंद करना पड़ा है। पानी निकासी के बाद प्लांट फिर उत्पादन शुरू किया जाएगा।

बता दें कि इस हाइडल प्लांट को थर्मल पावर प्लांट के रिटर्निंग केनॉल पर बनाया गया है। प्लांट के भीतर से निकलने वाले गर्म पानी का उपयोग हाइडल प्लांट में कर उसे ठंडा किया जाता है, वही पानी फिर थर्मल प्लांट में भेजा जाता है।

स्थिति सामान्य है, एहतियात के लिए बंद किया गया हाइडल प्लांट : पीके स्वैन

एचटीपीएस के प्रभारी मुख्य अभियंता पीके स्वैन का कहना है कि गुरुवार की सुबह हाइडल प्लांट के तटबंध का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके कारण प्लांट के भीतर पानी आने की वजह से एहतियात के तौर पर हाइडल प्लांट से उत्पादन बंद किया गया है। मेंटनेंस कर पानी का बहाब पूरी तरह से रोक दिया गया हैं, प्लांट एरिया से भी पानी निकाल लिया गया है। किसी कर्मचारी या अन्य को कोई नुकसान नहीं हुआ है स्थिति सामान्य है।

रखरखाव में लापरवाही, पहले भी हो चुकी है घटना

प्लांट के पॉंड के रखरखाव में बरती गई लापरवाही को इस घटना का कारण माना जा रहा है। हालॉकि ये भी बताया जा रहा है कि पॉंड का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, वहां पास में ही पीपल का पेड़ है, समय के साथ इस पेड़ की जड़ें पॉंड के तटबंध की तरफ निचले हिस्से तक में फैल गई है, जिसके कारण पॉंड में दरार होने के चलते यह घटना हुई होगी। इससे पहले भी यहां इस तरह की घटना हो चुकी है। कुछ वर्ष पहले पानी के ज्यादा प्रेशर की वजह से हाइडल प्लांट के पीछे की दीवार के हिस्से में दरार आने से प्लांट के उपकरण जलमग्न हो गए थे। इससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ था।