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Weather Update: दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से यूपी का मौसम बदलने को तैयार, पारा बढ़ेगा और तीन दिन कोहरे से राहत

Weather UP: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते हवाओं की दिशा बदलेगी और पारा 2 डिग्री तक बढ़ सकता है। फिलहाल कई जिलों में हल्का कोहरा छाया है, वहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दिनों में ठंड से आंशिक राहत मिल सकती है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Nov 29, 2025

UP Winter (फोटो सोर्स : Patrika)

UP Winter (फोटो सोर्स : Patrika)

Weather Alert: उत्तर प्रदेश में सर्दी का मौजूदा दौर एक बार फिर अहम मोड़ लेने जा रहा है। पछुआ हवाओं के प्रभाव से लगातार गिरते पारे पर अगले कुछ दिनों में ब्रेक लग सकता है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिनका असर शुक्रवार से दिखना शुरू हो जाएगा। इन विक्षोभों के कारण दक्षिण-पश्चिमी और पुरवाई मिश्रित हवाएं कई जिलों में प्रवेश करेंगी, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में क्रमशः वृद्धि दर्ज की जाएगी।

राजधानी लखनऊ सहित आगरा, बरेली, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में शुक्रवार को सुबह हल्का कोहरा देखा गया, हालांकि कई जिलों में दृश्यता सामान्य रही। इटावा 7.4 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। वहीं मेरठ में 7.5 डिग्री, बाराबंकी में 8 डिग्री और कानपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

हवा की दिशा बदलेगी, बादल बढ़ेंगे

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। बादल छाए रहने और हवाओं की दिशा में बदलाव से अगले 2–3 दिनों में प्रदेश के तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़त संभव है। उन्होंने कहा कि अब तक उत्तर-पश्चिमी शुष्क और ठंडी हवाएं प्रदेश को अपनी चपेट में लिए हुए थीं, जिससे रात का पारा लगातार गिर रहा था। लेकिन शनिवार  से दक्षिण-पश्चिमी गर्म हवाएं और पुरवैया का मिश्रित प्रभाव तापमान को ऊपर ले जाएगा।

कोहरे से मिलेगी राहत

पिछले एक सप्ताह से घने कोहरे ने जहां सड़क और रेल यातायात को प्रभावित किया, वहीं सुबह के समय आम जनजीवन भी मुश्किल में रहा। लेकिन अब मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले तीन दिनों तक घने कोहरे से राहत रहेगी। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है, मगर दृश्यता इतनी कम नहीं पड़ेगी कि यातायात प्रभावित हो।

किसानों पर असर

यूपी के बड़े हिस्से में कृषि कार्य चल रहे हैं। गेहूं, आलू, सरसों और मटर की फसलें इस समय संवेदनशील अवस्था में हैं।

  • मौसम परिवर्तन का कृषि पर संभावित असर
  • सुबह की ठंड में कमी से रात का पाला पड़ने की आशंका कम होगी।
  • हवा की नमी बढ़ने से कुछ क्षेत्रों में फसलों में रोग की संभावना बढ़ सकती है।
  • गेंहू के लिए तापमान में हल्की वृद्धि लाभकारी, क्योंकि अत्यधिक ठंड उसके विकास को धीमा कर देती है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को अगले कुछ दिनों तक मौसम पर नज़र बनाए रखने की जरूरत है और आवश्यकतानुसार फसल सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों पर असर

शहरों में बढ़ती ठंड से बचने के लिए लोग सुबह-शाम अलाव का सहारा ले रहे थे। तापमान में 2 डिग्री की बढ़त आम लोगों को राहत देगी। ग्रामीण इलाकों में सुबह का कोहरा खेतों और सड़कों पर मुश्किल पैदा कर रहा था, लेकिन मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अब इस स्थिति में सुधार होगा। लखनऊ, कानपुर, बरेली और प्रयागराज में सुबह ऑफिस जाने वाले लोगों को कोहरे से थोड़ी राहत मिलेगी, जबकि रात में भी ठंड की तीव्रता में हल्की कमी महसूस होगी।

अगले 72 घंटे का मौसम पूर्वानुमान

  • शुक्रवार
  • हल्के बादल
  • तापमान में 1–2°C की बढ़त
  • कुछ जिलों में हल्का कोहरा

शनिवार

  • दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव
  • अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी
  • सुबह हल्का कोहरा, दिन में साफ मौसम

रविवार

  • बादलों की आवाजाही जारी
  • रात के पारे में 1–2°C की अतिरिक्त बढ़त

कोहरे में उल्लेखनीय कमी

मौसम वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि यह बदलाव अस्थायी है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह से एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट सकती है।

जनता को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए

  • सुबह के समय यात्रा करते हुए हल्के कोहरे के कारण सावधानी रखें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को विशेष तौर पर ठंड से बचाने के उपाय जारी रखें।
  • किसानों को सुबह की ओस और नमी से फसलों की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि ठंडी हवाओं से बचने के लिए सिर और कान ढक कर बाहर निकलें।

मौसम परिवर्तन के पीछे कारण क्या

उत्तर भारत में सर्दी का मुख्य कारण हिमालय क्षेत्र से आने वाली बर्फीली हवाएं होती हैं। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ जो कि मूल रूप से भूमध्यसागरीय क्षेत्रों से उठने वाले बादल और हवाओं का समूह होता है, जब सक्रिय होता है, तो इन ठंडी हवाओं को बाधित कर देता है।

  • जिसके परिणामस्वरूप-
  • तापमान बढ़ जाता है
  • बादल छा जाते हैं
  • हवा की दिशा बदल जाती है
  • यूपी में सक्रिय होने वाले दो पश्चिमी विक्षोभ इसी प्रकार मौसम के रुख को बदलने वाले हैं।