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UP Crime: रंजिश की आग ने निगल ली मासूम ज़िंदगी, कुल्हाड़ी से काट दी शिवा की गर्दन, गांव मातम में डूबा

Revenge Turns Deadly:  मैनपुरी जिले में दो परिवारों की पुरानी रंजिश ने एक मासूम की जान ले ली। 16 वर्षीय शिवा की कुल्हाड़ी से की गई निर्मम हत्या ने पूरे गांव को दहला दिया। लवकुश हत्याकांड के बाद उपजे विवाद ने बदले का भयावह रूप ले लिया, जिससे एक निर्दोष किशोर इसकी चपेट में आ गया।

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एक साल के अंदर दूसरी हत्या से कांपा मैनपुरी (फोटो सोर्स : Police Whatsapp News Group )

एक साल के अंदर दूसरी हत्या से कांपा मैनपुरी (फोटो सोर्स : Police Whatsapp News Group )

Murder Shiva Case: मैनपुरी जिले के दन्नाहार थाना क्षेत्र के जरा मई गांव में शुक्रवार को 16 वर्षीय किशोर शिवा की बेरहमी से हत्या ने पूरे इलाके को दहशत और सदमे में डाल दिया। यह हत्या कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक साल से चल रही रंजिश की खतरनाक परिणति है, जिसकी नींव जनवरी 2025 में गांव के 19 वर्षीय लव कुश की मौत के बाद पड़ी थी। लवकुश हत्याकांड में शिवा के परिवार के सात सदस्यों को आरोपी बनाया गया था और तभी से दोनों परिवारों के बीच तनाव चरम पर था।

शुक्रवार को गांव में दोबारा खून बहा,इस बार निशाना बना सातवीं कक्षा तक पढ़ा मासूम, 16 वर्षीय शिवा, जिसे ग्रामीणों के सामने कुल्हाड़ी से मौत के घाट उतार दिया गया। घटना इतनी भयावह और अचानक थी कि घटनास्थल पर मौजूद लोग डर से भाग खड़े हुए और कोई भी उसे बचाने का साहस नहीं जुटा सका।

जनवरी 2025 से जल रही रंजिश की आग

17 जनवरी 2025 को गांव के 19 वर्षीय युवक लव कुश के अचानक लापता होने और दो दिन बाद उसका शव सिरसागंज मार्ग पर नहर पुल के पास मिलने के बाद गांव में तनाव भड़क गया था। पुलिस जांच में शिवा के परिवार के सात लोगों को आरोपी बनाया गया,जिनमें से चार लोग जमानत पर बाहर हैं,जबकि तीन अभी भी जेल में बंद हैं।  लव कुश की मौत के बाद दोनों परिवारों के बीच रिश्ते पूरी तरह बिगड़ गए। गांव में बातचीत बंद, नजरें टकराते ही तनाव और हर तरफ बदले की फुसफुसाहट सुनाई देने लगीं। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच यह नफ़रत धीरे-धीरे गहरी होती गई और शुक्रवार को आखिरकार यह नफ़रत खूनी अंजाम तक पहुंच गई।

शुक्रवार: बदले की आग में झोंक दिया गया निर्दोष शिवा

घटना के दिन शिवा रोज़ की तरह सुबह घर से निकला और पशुओं को चराने के लिए गांव के बाहर गया। उसके साथ कुछ और ग्रामीण भी अपने पशु लेकर मौजूद थे। लगभग दोपहर के समय अचानक गांव के कुछ लोग कुल्हाड़ी लेकर पहुंचे और शिवा पर हमला कर दिया। हमले के बाद आसपास मौजूद लोग भय से भाग गए। घटनास्थल पर कोई भी मदद करने नहीं लौटा। शिवा कुछ ही मिनटों में ज़मीन पर गिर पड़ा। बाद में जब ग्रामीणों ने घरवालों को सूचना दी, तो परिजन मौके पर पहुंचे,लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

  • हत्याकांड की घड़ी: परिजन कोर्ट में थे तारीख पर
  • शिवा के परिवार के कई सदस्य
  • बड़ा भाई शिवम
  • मां बबली
  • ताऊ रामकिशोर

चचेरा भाई आशीष उस समय लव कुश हत्याकांड की कोर्ट तारीख पर दीवानी न्यायालय गए हुए थे। शिवम की पत्नी शिवांकी ने बताया कि जब उन्हें शिवा पर हमले की खबर मिली तो वह दहशत में कांपने लगीं। भय इतना था कि वह मौके पर जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा सकीं। उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया। जब कोर्ट से लौटकर परिवार गांव पहुंचा, तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ था।

“गलत फंसाया गया था…और अब मेरे देवर को भी मार दिया” -रोते हुए बोली भाभी

शिवा की भाभी शिवांकी लगातार रोते हुए कहती रहीं, लव कुश के मामले में हमारे घरवालों को गलत तरीके से आरोपी बनाया गया था। हम लोग बेगुनाह होते हुए भी जेल और तारीखों के बीच फंसे रहे। अब मेरे मासूम देवर को भी बेरहमी से मार दिया। उसका क्या दोष था। परिवार का कहना है कि लव कुश की मौत के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिलती थीं, लेकिन हत्या तक बात पहुंच जाएगी,इसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

शिवा: कम उम्र में टूटी जिंदगी, सातवीं कक्षा के बाद छोड़ी पढ़ाई

16 वर्षीय शिवा बचपन से ही शांत, हंसमुख और मेहनती लड़का था। आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उसने सातवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी। वह घर के कामों में हाथ बंटाता था और पशु चराने में बड़ा भाई और पिता का सहारा बनता था। शिवा चार बहनों और एक बड़े भाई का छोटा भाई था। परिवार में डॉक्यूमेंट्स, केस और तारीखों की लड़ाई पहले ही उन्हें कमजोर कर चुकी थी और अब इस हत्या ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया।

ग्रामीणों का कहना: “तनाव था, लेकिन दूसरे कत्ल की उम्मीद नहीं थी” गांव जरा मई के लोग इस घटना के बाद सहमे हुए हैं। गांव में चारों ओर दहशत है। लोग अपने घरों में दुबके हुए हैं। बच्चे बाहर नहीं निकल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि दोनों परिवारों में कड़वाहट जरूर थी, लेकिन बदले में मासूम की हत्या कर दी जाएगी,ऐसी आशंका किसी को नहीं थी।

आरोपियों के घर ताले, पुलिस दे रही दबिश

घटना के तुरंत बाद अभियुक्त पक्ष के घरों में ताले लटके मिले। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और संभावित आरोपियों की तलाश में लगातार दबिशें दी जा रही हैं। दन्नाहार थाना प्रभारी के अनुसार, घटना गंभीर है। नामजद और संदिग्ध सभी को पकड़ा जाएगा। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।”

गांव में भारी पुलिस बल, माहौल नियंत्रण में रखने की कोशिश

रंजिश के इतिहास और ताजा वारदात को देखते हुए,पीएसी,पुलिस बल,इंटेलिजेंस टीम को गांव में तैनात किया गया है। दोनों पक्षों के लोगों से पूछताछ जारी है ताकि आगे कोई और हिंसा न हो सके। पुलिस ग्रामीणों से लगातार संपर्क में है और शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।

दोनों परिवारों का भविष्य

अदालत, आरोप और टूटे रिश्ते इस घटना ने दो परिवारों को एक ही गांव में रहने के बावजूद पूरी तरह दुश्मन बना दिया है। एक परिवार ने अपने बेटे को पिछले वर्ष खोया ,दूसरे परिवार ने अपने किशोर बच्चे को इस वर्ष खो दिया। गांव में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि अगर मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो रंजिश और भी गहरा सकती है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह मामला हत्या,रंजिश,पूर्ववर्ती केस,आपराधिक इरादे,सबको जोड़ते हुए एक बड़ा मुकदमा बन गया है।

रंजिश ने दो परिवार बरबाद किए, गांव के माहौल को सुलगा दिया

कभी शांत रहने वाला जरामई गांव अब डर और तनाव से भरा हुआ है। एक साल के भीतर दो युवकों की मौत ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। 16 वर्षीय शिवा की हत्या ने यह दिखा दिया है कि रंजिश कितनी तेजी से खूनी रूप ले सकती है, और जब कानून की प्रक्रिया लंबे समय तक खिंचती है, तो भावनाओं, द्वेष और गुस्से का तूफान कभी-कभी बेहद खतरनाक मोड़ ले लेता है। गांव के लोग आज सिर्फ यही कह रहे हैं, इस रंजिश ने दो घर तबाह कर दिए…अगर समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप करता, तो शायद दूसरी जान बच सकती थी।