
पाइप लाइन फूटने से सडक़ पर बहता पानी। वह स्थान जहां से पानी पाइप लाइन से बाहर निकला और जमा हो गया।
The administration is proving helplessनरसिंहपुर. नगर में सीवर लाइन का कार्य करने वाली कंपनी के बेढंगे और मनमाने कार्य पर नकेल कसने में प्रशासन बेबस साबित हो रहा है। जिससे न केवल निकाय को नुकसान हो रहा है बल्कि जनसामान्य की पीड़ा बढ़ रही है। शनिवार की शाम इतबारा बाजार के पास चल रहे चल रहे कार्य दौरान कंपनी की खुदाई से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे हजारों लीटर पानी सडक़ पर बहने के साथ ही लाइन से जुड़े करीब चार वार्डो में जलापूर्ति बाधित होने से लोग परेशान रहे। शंकराचार्य वार्ड, सुभाष, शास्त्री और नेहरू वार्ड में शाम के वक्त की जलापूर्ति ठप रही। अंधेरा हो जाने से इसका सुधार कार्य नहीं हो सका। आज रविवार को संभवत कार्य होगा। जिससे सुबह भी जलापूर्ति पर असर रहा, लोग परेशान होते रहे।
नगर में सीवर लाइन का कार्य इस तरह मनमाने ढंग से चल रहा है कि कंपनी के नुमाइंदों को जहां मर्जी और जितने समय खुदाई करना होती है वह शुरू कर देते हैं। बाहरी रोड पर बार-बार मनमाने ढंग से हो रही खुदाई और कार्य की धीमी गति ने एक पखवाड़े से लोगों की समस्याएं बढ़ा रखीं हैं। खुदाई से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं भी लगातार हो रही हैं। कंपनी के नुमाइंदे-जिम्मेदारों को प्रशासन की जरा भी परवाह नहीं है और उनकी मनमानियां लोगों की तकलीफ बढ़ा रहीं हैं।
करीब 10 दिन से चल रहा कार्य, आवागमन पर असर
इतवारा बाजार क्षेत्र में बाहरी रोड पर सीवर कंपनी का कार्य करीब 10 दिनों से चल रहा है। दिनरात कंपनी के वाहन, मशीनें यहां खड़े रहने और एक तरफ से वाहनों की आवाजाही बंद होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। शनिवार की शाम को इन मशीनों ने नगरपालिका की जलापूर्ति की पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। जिससे सडक़ पर पानी भर गया। करीब एक घंटे तक हजारों लीटर बहता रहा। इसकी जानकारी लगने पर नगरपालिका के जल शाखा प्रभारी प्रदीप नगाइच ने कंपनी के प्रबंधक को कई बार फोन लगाया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। नगाइच ने बताया कि उन्होंने कर्मचारी को भेजकर तत्काल बॉल्व बंद कराकर जलापूर्ति को रूकवाया। तब कहीं जाकर कंपनी के लोगों की नींद खुली।
बीते सप्ताह भी तोड़ी थी पाइप लाइन
बीते सप्ताह भी इसी रोड पर इतवारा बाजार क्षेत्र में भी सीवर कंपनी ने पाइप लाइन को तोड़ दिया था। जिससे दो दिन कई वार्डो की जलापूर्ति बाधित रही थी। नगरपालिका की सडक़ों समेत पाइप लाइन आदि का लगातार नुकसान हो रहा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि कंपनी पर आखिर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि शहर की अच्छी खासी सडक़ों को जानबूझकर बर्बाद किया जा रहा है, ताकि नए सिरे से निर्माण की आड़ में चहेतों को लाभ पहुंचाया जा सके।
तीन साल से चल रहा कार्य
कंपनी का काम वर्ष 2022 से शुरू हुआ था। लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं। पिछले ढाई-तीन साल से कंपनी के प्रबंधक-अधिकारी अवधि बढऩे की बात कहकर वक्त भर काट रहे हैं। लगातार शिकायतें भी हो रहीं हैं, लेकिन कार्रवाई करने में नगरीय व जिला प्रशासन असहाय साबित हो रहा है।
Published on:
30 Nov 2025 12:55 pm
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